यह चिट्ठी पति पत्नी के रिश्तों के एक पहलू के बारे में है।
मैंने पिछली चिट्ठी 'मैं तुमसे प्यार करता हूं कहने के एक तरीका यह भी' में लिखा था कि इन्होंने (उन्मुक्त) मुझसे आज तक यह नहीं कहा कि 'मैं तुमसे प्यार करता हूँ' और मुझे इन शब्दों का इंतजार है। मैंने यह भी लिखा था,
'यह मेरा जन्मदिन हमेशा याद रखते हैं पर लगभग दो दशक पहले मेरे जन्मदिन पर एक बार मुझसे कुछ नहीं कहा। मुझे लगा कि यह मेरा जन्मदिन भूल गये हैं। मैंने भी इन्हे याद नहीं दिलाया पर बुरा जरूर लगा।'उस दिन क्या हुआ उसी का जिक्र उस चिट्ठी में है।
पिछले साल, यह मेरा जन्मदिन फिर भूल गये थे। यह एक बिमारी जूझ कर उठे थे ... मौत के करीब से गुजरे थे। मुझे यही लगा कि यह उसी उलझन में भूल गये। यह समय इन सब बातों को याद दिलाने का नहीं है। मैं भी भूल गयी।
मेरे घर के पास एक स्वामी जी योग सिखाते हैं। शाम को वे महिलाओं को अलग से सिखाते हैं। मैं अपनी सखियों के साथ वहां पैदल जाती हूं। उस दिन शाम को लौटते समय, मेरे घर के सामने कई कारें खड़ी थीं। मेरी सखी ने मुझसे कहा,
'क्या तुम्हारे यहां कोई दावत है।'मैंने कहा नहीं, पर लगता है कि कुछ लोग मिलने आयें हैं।
अन्दर पोर्टिको में एकदम नयी बिना नम्बर की कार खड़ी थी। उसमें रिबन लगा था। मुझे लगा कि हमारा कोई मित्र अपनी नयी कार दिखाने आया है।
यह चित्र मेरा नहीं है। मैंने इसे यहां से लिया है। This photograph is not mine. I have taken it from the link mentioned above.अन्दर ड्रॉइंग रूम में मेरे परिवार के सदस्य, मेरे मित्र थे, एक केक था जिसमें लिखा था जन्मदिन मुबारक और मुझे बाहर नयी कार, मेरे जन्ददिन पर इनकी तरफ से उपहार।
कार मारुति की ए-स्टार है जो कि ११ नवम्बर को निकली थी। यह उसका सबसे अच्छा और सबसे मंहगा (चार लाख दस हज़ार रुपये) वाला मॉडेल है।

यह हमारे कस्बे में बिकने वाली इस तरह की पहली कार है। इस कार को, न तो मैंने न ही इन्होंने, इसे चलाया या देखा था। उसके बारे में इन्होंने बिमारी के दौरान नर्सिंग होम के कमरे में टीवी में देखा था और हमारे मित्र से इसे चुपचाप ऑर्डर देने के लिये कहा था। सबके चले जाने के बाद, मैंने इनसे पूछा,
'इस समय इतना मंहगा उपहार क्यों? हमें इस समय न केवल पैसों की जरूरत है पर तुम्हें अपने स्वास्थ और समय का भी ध्यान रखना है। तुमने व्यर्थ में ही इस अप्रत्याशित मंहगे उपहार को खरीदा और दावत इन्तजाम करने में समय जाया किया। यह समय इसके लिये नहीं है।'इनका जवाब था।
'हमने ३० साल साथ साथ गुजार लिये हैं। इतने समय बाद रिश्तों में बासीपन आ जाता है। ऐसे में यदि पुराने रिश्तों में नयापान न लाया जाय तो नये रिश्ते कायम हो सकते हैं। पुराने रिश्तों में नया-पन, नये रिश्तें कायम होने से बेहतर है।'क्या कहेंगे उपहार देने इस तरीके को, इस मंहगे उपहार को, इस दर्शन को, और ऐसे ... व्यक्ति को।
मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया जैसा कि इन्होंने अपनी चिट्ठी 'क्या आप अपनी पत्नी के लिये उपहार खरीद रहे हैं' के अन्त में लिखा है। यह तो इन्होंने खुद ही कर, मेरा नाम झूट मूठ से लगा दिया। मुझे कंप्यूटर का इतना ज्ञान नहीं कि मैं यह कर सकूं। भला ऐसे उपहार क्या कोई किसी को ... भेज सकता है? आप ही बताइये।
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सांकेतिक शब्द
culture, Family, life, Life, जीवन शैली, समाज, कैसे जियें, जीवन दर्शन, जी भर कर जियो,






