Saturday, March 08, 2008

महिला दिवस ८ मार्च को क्यों मनाया जाता है?

अमेरिका में सोशलिस्ट पार्टी के आवाहन पर, यह दिवस सबसे पहले सबसे पहले यह २८ फरवरी १९०९ में मनाया गया। इसके बाद यह फरवरी के आखरी इतवार के दिन मनाया जाने लगा। १९१० में सोशलिस्ट इंटरनेशनल के कोपेनहेगन के सम्मेलन में इसे अन्तरराष्ट्रीय दर्जा दिया गया। उस समय इसका प्रमुख ध्येय महिलाओं को वोट देने के अधिकार दिलवाना था क्योंकि, उस समय अधिकर देशों में महिला को वोट देने का अधिकार नहीं था।

१९१७ में रुस की महिलाओं ने, महिला दिवस पर रोटी और कपड़े के लिये हड़ताल पर जाने का फैसला किया। यह हड़ताल भी ऐतिहासिक थी। ज़ार ने सत्ता छोड़ी, अन्तरिम सरकार ने महिलाओं को वोट देने के अधिकार दिये। उस समय रुस में जुलियन कैलेंडर चलता था और बाकी दुनिया में ग्रेगेरियन कैलेंडर। इन दोनो की तारीखों में कुछ अन्तर है। जुलियन कैलेंडर के मुताबिक १९१७ की फरवरी का आखरी इतवार २३ फरवरी को था जब की ग्रेगेरियन कैलैंडर के अनुसार उस दिन ८ मार्च थी। इस समय पूरी दुनिया में (यहां तक रूस में भी) ग्रेगेरियन कैलैंडर चलता है। इसी लिये ८ मार्च, महिला दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।


ऐसे मैं इनकी जेबों से अक्सर बहुत कुछ चुराती रहती हूं पर आज मैंने इनके उन्मुक्त चिट्ठे की इस चिट्ठी से यह लेख चुराया है।

इसे आप यहां इनकी आवाज में सुन सकते हैं। यह तो आप जानते हैं कि ये ogg फॉरमैट में पॉडकास्ट करते हैं। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,
  • Windows पर कम से कम Audacity एवं Winamp में;
  • Linux पर लगभग सभी प्रोग्रामो में; और
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity में,
सुन सकते हैं। ये ogg फॉरमैट में क्यों पॉडकास्ट करते जानने के लिये आप इनकी चिट्ठी 'पापा, क्या आप उलझन में हैं' पढ़ सकते हैं।

2 comments:

दिनेशराय द्विवेदी said...

महिला दिवस पर जेबों से कुछ न कुछ चुराने का सार्वजनिक कन्फेशन अच्छा है।

Udan Tashtari said...

ज्ञानवर्धक...विश्वमहिला दिवस पर शुभकामनायें..