Sunday, August 12, 2007

सामग्री प्रकाशित करने की शर्तें

कुछ महीने पहले अंग्रेजी दैनिक टेलीग्राफ में हिन्दी एवं प्रादेशिक चिट्ठों के बारे में लेख निकला था। इसमें इनके और मेरे चिट्ठे का भी उल्लेख था। इसमें कुछ बातें स्पष्ट नहीं थीं। इसे दूर करने के लिये मैंने 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नामक चिट्ठी लिखी। इसमें लिखा था,
'भारतीय पत्नियां या तो पतियों को अपने रंग में रंग लेती हैं, या उनके रंग में रंग जाती हैं - मैं उनके रंग में हूं। बस, मेरे चिट्ठे की चिट्ठियां कॉपीलेफ्टेड नहीं हैं, वे मेरी हैं। महंगाई है, क्या मालुम कभी दो पैसे कमा लूं।'
मैं तो यही सोचती थी कि लोग इनके चिट्ठे की सामग्री प्रयोग करना चाहेंगे पर मेरी नहीं - बस इसीलिये यह बात लिख दी थी। मैं नहीं समझती की हिन्दी चिट्टाकारी में अभी कोई पैसा कमा सकता है। यदि कोई कमा पायेगा तो पहले चिट्टाकार रवी भाईसाहब होंगे या फिर समीर भाईसाहब - कम से कम, मेरे लिये, चिट्ठे से पैसा कमा पाना असंभव है।

कुछ दिन पहले शास्त्री भाईसाहब का ईमेल इनके पास यह पूछते हुऐ आया कि क्या 'मुन्ने के बापू' चिट्ठे की सामग्री भी कॉपीलेफ्टेड हैं। मैंने उन्हे जवाब दिया,
'मैं उन्मुक्त की पत्नी हूं। यह चिट्टा मेरा है। मैंने अपने चिट्ठे पर कॉपीलेफ्टेड नहीं लिखा है क्योंकि मैं नहीं समझती हूं कि कोई मेरी चिट्ठियों का भी प्रयोग करना चाहेगा। पर आपको और जो भी इसका प्रयोग करना चाहे उसे इसकी स्वतंत्रता है।'
मुझे लगा कि मुझे यह बात अपने चिट्ठे पर भी लिखनी चाहिये। मैंने इसे पहले क्रिऐटिव कॉमनस् ३.० की लाइसेंस के अन्दर कर दिया था। इनका कहना था कि विकीपीडिया ग्नू मुक्त प्रलेखन लाइसेंस के अन्दर है और मैं अपने चिट्ठे की प्रकाशित सामग्री इसी के अन्दर करूं। यदि ऐसा नहीं होगा तो यदि कोई मेरे चिट्ठे की सामग्री को हिन्दी विकीपीडिया पर डालना चाहेगा तो भी यह नहीं कर पायेगा क्योंकि इन दोनो लाइसेंसों में विरोधाभास है। इन्होने विरोधाभास को समझाया भी, पर मैंने उस पर ध्यान नहीं दिया। ऐसे यह इस पर लिखने की बात कर रहे थे। कब लिखेंगे ... ???

क्रिऐटिव कॉमनस् के लाइसेंस तो आसान भाषा में हैं - समझ में आते हैं। ग्नू मुक्त प्रलेखन लाइसेंस - यह तो मेरे बिलकुल समझ में नहीं आया। मालुम नहीं वकील लोगों को इस तरह की कानूनी भाषा लिखने में क्या मजा आता है। मैंने इनसे अपनी बात बतायी तो इन्होने मेरी बातों को आसान भाषा में लिख दिया है। यह इस प्रकार है।
'आपको इस इस चिट्ठे में प्रकाशित सामग्री को - चिट्ठे का आभार प्रकट करते हुऐ अथवा उस चिट्ठी से लिंक देते हुऐ - इसी प्रकार अथवा संशोधन कर बांटने, या अपने चिट्ठे अथवा विकीपीडिया पर डालने की अनुमति है।'
मेरे चिट्ठे की सारी सामग्री इन शर्तों के अन्दर है। इनके अनुसार मोटे तौर पर यह क्रीऐटिव कॉमनस् ऐट्रीब्यूशन ३.० की तरह है।


यह विकीपीडिया की नयी शर्तों से ज्यादा स्वतंत्र है पर उतनी मुक्त नहीं है जितनी की इनकी। इनका तो जैसा नाम, वैसा इनका काम, वैसी ही इनके लाईसेंस की शर्तें। इसके लिये तो केवल एक ही नाम है - 'उन्मुक्त-लाइसेंस'।

शास्त्री भाईसाहब, आपको या किसी और को भी इस चिट्ठे की सामग्री प्रयोग करने की स्वतंत्रता है। मुझे अच्छा लगा कि लोग मेरी रचनायें छापना चाहते हैं और उनकी कद्र करते हैं।

चलती हूं - आज बेक्ड फिश बनानी है।